उत्तराखंड के आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आयुष सेवाओं के विस्तार, शिक्षा व्यवस्था और संसाधनों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई।
मंत्री ने कहा कि आयुष विभाग राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में प्रदेश में 3 राजकीय परिसर, 13 जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवा कार्यालय, 13 जिला होम्योपैथिक कार्यालय और 21 निजी महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य संस्थान भी कार्यरत हैं।
आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करते हुए मंत्री ने महानिदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर जल्द समाधान निकालने को कहा।
मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धर्मशालाओं और बड़े होटलों को आयुर्वेद से जोड़ने के लिए ठोस योजना तैयार की जाए, जिससे स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि आयुष विभाग ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर तक वेलनेस सेंटर, योग और पंचकर्म सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में काम कर रहा है। साथ ही आयुर्वेद को प्रदेश में एक मजबूत संसाधन के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के शिक्षा और शोध कार्यों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों की बिंदुवार समीक्षा कर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में आयुर्वेद एवं यूनानी सेवाओं के तहत करीब 852 चिकित्सालय संचालित हैं। इसके साथ ही 5491 आयुर्वेदिक डॉक्टर, 1226 होम्योपैथिक डॉक्टर, 201 यूनानी डॉक्टर, 10 सिद्ध डॉक्टर और 18 प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ उपलब्ध हैं।
मंत्री ने रिक्त पदों को भरने के लिए शीघ्र अधियाचन भेजने और भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए।


