रुड़की: हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) ने अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए भगवानपुर क्षेत्र में बन रहे एक बड़े रिजॉर्ट पर कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र से कहीं अधिक किया गया है, साथ ही सरकारी जमीन पर कब्जे की भी आशंका जताई जा रही है।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
यह मामला भगवानपुर-देहरादून हाईवे के किनारे बन रहे एक विशाल निर्माण से जुड़ा है। स्थानीय स्तर पर अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद HRDA की टीम ने मौके पर निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
बिना अनुमति के हुआ विस्तार
HRDA ने उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा 27(1) के तहत नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि स्वीकृत नक्शा संख्या HRDA/CC/0083/2024-25 की शर्तों का उल्लंघन किया गया है।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि निर्माण स्थल पर कोई भी स्वीकृत मानचित्र उपलब्ध नहीं था, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे का आरोप
मामला केवल नक्शे के उल्लंघन तक सीमित नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का दावा है कि इस रिजॉर्ट के निर्माण में ग्राम समाज की भूमि को भी शामिल किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के दम पर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।
प्रशासन ने कही सख्त कार्रवाई की बात
भगवानपुर के एसडीएम डी.एस. नेगी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत उनके संज्ञान में है और इसकी गहन जांच की जा रही है। HRDA की रिपोर्ट में भी अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी है। जांच पूरी होने के बाद कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
छोटा नक्शा, बड़ा खेल?
सूत्रों के अनुसार, विभाग से केवल सीमित हिस्से का ले-आउट पास कराया गया था, लेकिन उसी के आधार पर पूरे क्षेत्र में निर्माण कर दिया गया। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाएगा या मामला कागजों तक सीमित रह जाएगा।


