देश में प्रस्तावित महिला वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं में उत्साह बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने बड़ा बयान दिया है।
“40 साल का इंतजार खत्म होने वाला”
दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि महिलाओं को लंबे समय से इस कानून का इंतजार था, जो अब खत्म होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में इस अधिनियम को पेश किया जाएगा।
सभी दलों से समर्थन की उम्मीद
उन्होंने उम्मीद जताई कि यह बिल सभी राजनीतिक दलों के समर्थन से पास होगा। उनके अनुसार, यह आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
“पीएम मोदी ने कर दिखाया”
दीप्ति रावत ने कहा कि कई दलों ने पहले प्रयास किए, लेकिन अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे साकार किया जा रहा है।
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
उन्होंने बताया कि देश में:
- 47 करोड़ महिला वोटर
- 32 करोड़ से अधिक जनधन खाते
- 3 करोड़ से ज्यादा “लखपति दीदी”
सरकारी योजनाओं जैसे उज्ज्वला, हर घर जल, सुकन्या समृद्धि और “बेटी पढ़ाओ” अभियान से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिली है।
उत्तराखंड का रिपोर्ट कार्ड
दीप्ति रावत भारद्वाज ने उत्तराखंड में महिलाओं की भागीदारी को लेकर भी आंकड़े पेश किए:
- सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण
- नंदा गौरा योजना का लाभ
- 5 लाख महिलाएं स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी
- पंचायतों में 50% से अधिक महिला प्रतिनिधित्व
संसद में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संसद में करीब 75 महिला सांसद हैं, जिनमें अधिकांश भाजपा से हैं। प्रस्तावित अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं की भागीदारी और बढ़ेगी और नीति-निर्माण में उनकी भूमिका मजबूत होगी।


