रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल: बकरीद के मौके पर नैनीताल के डीएसए खेल मैदान में नमाज अदा करने को लेकर चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने अंजुमन ए इस्लामिया नैनीताल की याचिका पर सुनवाई करते हुए खेल मैदान में सुबह 9 बजे से 10 बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी है।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में पुलिस और स्थानीय प्रशासन को नमाज के दौरान शांति व्यवस्था और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
दरअसल, जिला प्रशासन ने पहले निर्देश जारी कर कहा था कि ईद के मौके पर डीएसए खेल मैदान में सार्वजनिक रूप से नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय से मस्जिदों, घरों और निजी प्रतिष्ठानों में नमाज पढ़ने की अपील की थी। इसी फैसले को चुनौती देते हुए अंजुमन ए इस्लामिया की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी।
बीते दिनों मल्लीताल कोतवाली में ईद की तैयारियों को लेकर शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में अंजुमन इस्लामिया के पदाधिकारियों ने हर वर्ष की तरह इस बार भी डीएसए मैदान में सामूहिक नमाज की अनुमति देने की मांग रखी थी।
बैठक के दौरान एसडीएम ने कहा था कि संबंधित विभागों से एनओसी और अनुमति मिलने के बाद ही आयोजन पर फैसला लिया जाएगा। दिनभर अनुमति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। पहले डीएसए महासचिव की ओर से अनुमति दिए जाने की बात सामने आई, लेकिन बाद में आदेश निरस्त कर निर्णय जिला प्रशासन पर छोड़ दिया गया।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया था कि जिला प्रशासन डीएसए खेल मैदान में नमाज अथवा किसी अन्य गतिविधि की अनुमति नहीं देगा। हालांकि हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मुस्लिम समुदाय को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मैदान में बकरीद की नमाज अदा करने की अनुमति मिल गई है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुस्लिम समुदाय में खुशी का माहौल है और लोगों ने अदालत का आभार व्यक्त किया है।


