Wednesday, October 14, 2026
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12 साल बाद रामनगर में दिखी उड़ने वाली दुर्लभ गिलहरी, वन्यजीव विशेषज्ञों में खुशी की लहर

रिपोर्टर: आसिफ इक़बाल

उत्तराखंड के रामनगर वन क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरण विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। करीब 12 वर्षों बाद यहां दुर्लभ इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल दिखाई दी है। यह गिलहरी एक ग्रामीण के घर में पहुंच गई थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षित रेस्क्यू किया।

वन विभाग के अनुसार यह प्रजाति सामान्य गिलहरियों से काफी बड़ी होती है और अपनी खास शारीरिक बनावट के कारण पेड़ों के बीच लंबी दूरी तक ग्लाइड कर सकती है। इसे आम भाषा में उड़ने वाली गिलहरी कहा जाता है, हालांकि यह पक्षियों की तरह पंख फड़फड़ाकर उड़ान नहीं भरती।

रामनगर वन प्रभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस दुर्लभ जीव की अंतिम रिकॉर्डिंग वर्ष 2014 में हुई थी। इतने लंबे समय बाद इसका फिर से दिखाई देना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र के जंगल आज भी जैव विविधता के लिए अनुकूल बने हुए हैं।

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी दुर्लभ प्रजातियों की मौजूदगी जंगलों के स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाती है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि संरक्षण और निगरानी के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रेस्क्यू के बाद गिलहरी का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और अब उसे जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने की तैयारी की जा रही है। वन विभाग इस रिकॉर्ड को अपने आधिकारिक दस्तावेजों में भी दर्ज करेगा।

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