संवाददाता: सागर रस्तोगी
गंगा के शांत तटों और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध ऋषिकेश इन दिनों एक अनोखी वजह से चर्चा में है। यहां एक नन्हा बालक अपनी अनोखी कला से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
पत्थरों से बना लिया म्यूजिक सिस्टम
जहां आमतौर पर संगीत के लिए गिटार, ढोलक या तबले जैसे वाद्ययंत्रों की जरूरत होती है, वहीं इस बालक ने नदी किनारे पड़े दो सपाट पत्थरों को ही अपना म्यूजिक सिस्टम बना लिया है। वह इन पत्थरों को लयबद्ध तरीके से टकराकर ऐसी ताल पैदा करता है, जो किसी पेशेवर कलाकार से कम नहीं लगती।
भक्ति और संगीत का अनोखा संगम
रामझूला और लक्ष्मण झूला के आसपास के घाटों पर अक्सर नजर आने वाला यह बालक भगवान शिव और मां गंगा के भजन गाते हुए अपनी कला का प्रदर्शन करता है। उसकी आवाज में पहाड़ी सुरीलापन और भक्ति भाव साफ झलकता है, जो वहां मौजूद हर व्यक्ति को मंत्रमुग्ध कर देता है।
विदेशी सैलानी भी हुए प्रभावित
पर्यटकों द्वारा बनाए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि विदेशी सैलानी भी इस बालक की कला से प्रभावित होकर उसे ध्यान से सुन रहे हैं। गंगा घाट की रेतीली चट्टानों पर बैठकर प्रस्तुति दे रहा यह बालक अब पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बन चुका है।
सोशल मीडिया पर छाया ‘पहाड़ का टैलेंट’
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग इस बालक को “पहाड़ का असली टैलेंट” बता रहे हैं। कई यूजर्स ने उसकी प्रतिभा को प्रोत्साहन देने की मांग भी की है।


