रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून में आयोजित विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में चारधाम यात्रा चल रही है, जो उत्तराखंड की आस्था और आर्थिकी दोनों की जीवनरेखा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर रील बनाकर इस पवित्र यात्रा को राजनीतिक बहस का विषय बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार का विरोध किया जा सकता है, बीकेटीसी (बदरी-केदार मंदिर समिति) पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन चारधाम यात्रा का विरोध नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम स्वयं महादेव का पवित्र स्थल है और राज्य सरकार यात्रा को सुरक्षित एवं सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चारधाम यात्रा: आस्था और अर्थव्यवस्था की रीढ़
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सामूहिक आस्था और कठिन साधना का प्रतीक है। यह यात्रा राज्य की आर्थिकी को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए नकारात्मक माहौल बनाने के बजाय सभी को इसे प्रोत्साहित करना चाहिए।
प्रदेश में गैस संकट नहीं: मुख्यमंत्री
गैस आपूर्ति को लेकर उठाए गए सवालों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में किसी प्रकार की गैस किल्लत नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने एक दिन पहले ही केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकटों के बावजूद देश में हालात स्थिर हैं और विकास कार्य लगातार जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी दुनिया ने भारत को लेकर आशंका जताई थी, लेकिन भारत ने न केवल महामारी पर नियंत्रण पाया, बल्कि 100 से अधिक देशों को वैक्सीन भेजकर वैश्विक सहयोग का उदाहरण पेश किया।


