रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून में उत्तराखंड विधानसभा के प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस सत्र की उपयोगिता और सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार द्वारा बुलाया गया यह विशेष सत्र किस औचित्य के तहत लाया गया है, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि यह प्रावधान पहले ही वर्ष 2023 में कानून का रूप ले चुका है। ऐसे में उसी आधार पर इसका लाभ सीधे तौर पर लागू किया जाना चाहिए था।
यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार इस प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींचना चाहती है, ताकि राजनीतिक लाभ उठाया जा सके। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को चुनावी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार अपने राजनीतिक आंकड़े मजबूत करने में लगी है, जबकि राज्य के अहम मुद्दे जैसे बेरोजगारी, बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
विपक्ष का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में जनहित में काम करना चाहती है, तो उसे इन बुनियादी समस्याओं पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए।


