रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी में मानसून आने से पहले ही बारिश और ओलावृष्टि ने नगर पालिका की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण बंद पड़े नालों और खालों का पानी सड़कों पर बहने लगा है, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
सबसे ज्यादा असर माल रोड और आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां हल्की बारिश के बाद ही सड़कें पानी से भर जा रही हैं। कई जगहों पर सड़कों पर बहता पानी छोटे नालों का रूप ले चुका है, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिक्रमण और मलबा बना बड़ी समस्या
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई नालों और खालों पर अतिक्रमण किया गया है। वहीं कई स्थानों पर निर्माण सामग्री और मलबा नालों में डाले जाने से जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है।
बरसात के दौरान यही मलबा सड़कों पर बहकर आ जाता है, जिससे दुर्घटनाओं और सड़क बाधित होने का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं हुई तो मानसून के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नगर पालिका ने विभागों को लिखा पत्र
नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि कई नालों में जल संस्थान और जल निगम की पाइपलाइन होने के कारण सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोक निर्माण विभाग को माल रोड क्षेत्र में नालों पर हुए अतिक्रमण की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासी प्रदीप भंडारी ने कहा कि पिछले वर्ष आई आपदा के बाद भी प्रशासन ने कोई बड़ा सबक नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि नालों की सफाई को लेकर केवल घोषणाएं की जाती हैं, जबकि जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आता।
वहीं निधि बहुगुणा ने कहा कि ब्रिटिश काल में बने नालों की अनदेखी के कारण शहर में पहली बार इस तरह जलभराव की स्थिति देखने को मिल रही है।


