संवाददाता: सागर रस्तोगी
ऋषिकेश के श्यामपुर नटराज बाईपास मार्ग पर चारधाम यात्रा के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब स्थानीय यूनियन से जुड़े कुछ सदस्यों ने चंडीगढ़ नंबर के एक टेंपो ट्रैवलर को रोक लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर विवाद हुआ और मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
ग्रीन कार्ड और दस्तावेजों को लेकर विवाद
स्थानीय यूनियन के सदस्यों का आरोप है कि टेंपो ट्रैवलर के पास चारधाम यात्रा के लिए जरूरी ग्रीन कार्ड नहीं था और वाहन से संबंधित अन्य दस्तावेज भी अधूरे थे। यूनियन का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से बाहरी राज्यों के वाहनों को यात्रा मार्ग पर भेजा जा रहा है, जबकि स्थानीय वाहन चालक यात्रियों के इंतजार में खड़े हैं।
श्रद्धालुओं ने लगाया दादागिरी का आरोप
वहीं टेंपो ट्रैवलर में सवार श्रद्धालुओं ने यूनियन के सदस्यों पर दादागिरी करने का आरोप लगाया। यात्रियों का कहना है कि यदि वाहन के दस्तावेजों में कोई कमी है तो इसकी जांच परिवहन विभाग या पुलिस को करनी चाहिए, न कि सड़क पर वाहन रोककर इस तरह का व्यवहार किया जाए।
श्रद्धालुओं ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से उत्तराखंड की छवि खराब हो रही है और पर्यटकों व यात्रियों में डर का माहौल बन रहा है।
चालक बोला- ग्रीन कार्ड बन रहा था
वाहन चालक ने बताया कि ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया चल रही थी और संबंधित दस्तावेज सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में तैयार किए जा रहे थे। इसके बावजूद यूनियन के सदस्य उन्हें धमकाकर चारधाम यात्रा मार्ग पर जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
चालक ने इसे गलत बताते हुए कहा कि इस प्रकार की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और चारधाम यात्रा के दौरान इस तरह के विवादों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।


