रिपोर्ट: सुभाष चंद
खटीमा के ग्राम “जंगल जोगी ढेर” में जमीन विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। गांव के 10 परिवारों ने अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने के लिए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। मामला आबादी की भूमि पर सिंचाई विभाग के कथित गलत इंद्राज से जुड़ा बताया जा रहा है।
आबादी की जमीन पर गलत इंद्राज का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है that उनकी पुश्तैनी आबादी की भूमि की चौहद्दी में सिंचाई विभाग का नाम गलत तरीके से दर्ज कर दिया गया है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि संबंधित भूमि पूरी तरह आबादी क्षेत्र में आती है, लेकिन अब सिंचाई विभाग के कर्मचारी वहां जबरन तारबाड़ और चहारदीवारी करने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है।
विधायक भुवन कापड़ी ने की ग्रामीणों से मुलाकात
विवाद बढ़ने के बाद भुवन चंद्र कापड़ी पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
विधायक कापड़ी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
SDM बोले- दस्तावेजों की हो रही जांच
मामले पर तुषार सैनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग और उत्तराखंड के राजस्व रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि सभी दस्तावेजों और सीमांकन की जांच पूरी होने के बाद जल्द ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी और सीमा विवाद का समाधान निकाला जाएगा।
प्रशासन की जांच पर टिकी लोगों की नजर
खटीमा में इस विवाद को लेकर ग्रामीणों में चिंता और नाराजगी का माहौल है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं कि आखिर जमीन का वास्तविक मालिकाना हक किसके पक्ष में सामने आता है।


