रिपोर्टर: ललित जोशी
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों सहित पूरे देश में सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर अपने प्राणनाथ की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखा।
सुबह से ही मंदिरों, घरों के आंगन और वट वृक्षों के पास सुहागिन महिलाओं की भीड़ देखने को मिली। कई स्थानों पर आचार्य और पंडितों को बुलाकर विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई गई। पूजा के बाद ही महिलाओं ने जल ग्रहण किया।
धार्मिक मान्यताओं पर आधारित कथा का वर्णन
इस अवसर पर समाजसेवी एवं शिक्षिका सुनीता जोशी ने वट सावित्री व्रत की पौराणिक कथा विस्तार से साझा की। उन्होंने बताया कि मान्यता के अनुसार माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प, बुद्धिमत्ता और भक्ति के बल पर अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से भी वापस प्राप्त कर लिए थे।
कथा के अनुसार, सत्यवान के निधन के बाद सावित्री ने यमराज का पीछा किया और अपनी सूझबूझ से कई वरदान प्राप्त किए, जिनके माध्यम से अंततः उन्होंने अपने पति के प्राण वापस दिला दिए। इसी कारण सुहागिन महिलाएं आज भी वट सावित्री व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।
सुनीता जोशी ने कहा कि यह व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, समर्पण और विश्वास का भी संदेश देता है।
सामाजिक सहभागिता
इस अवसर पर नगर पालिका के सभासद मनोज जगाती ने भी व्रत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सुहागिन महिलाओं की सुख-समृद्धि और उनके परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
पूरे नैनीताल क्षेत्र में व्रत को लेकर उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।


