रिपोर्ट: ललित जोशी
Nainital। सरोवर नगरी स्थित डीएसबी कैंपस में कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने हिमालय संग्रहालय का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन उपकरणों, पारंपरिक आभूषणों और विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में मौजूद सांस्कृतिक विरासत को उत्तराखंड की पहचान और इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण संग्रह बताया।
शोधार्थियों से की चर्चा
आयुक्त दीपक रावत ने विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद भी किया। उन्होंने शोध कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि शोध के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन, नवीन सोच और गहन विश्लेषण बेहद आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि शोध केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति को समझने का महत्वपूर्ण जरिया भी है।
संग्रहालय विस्तार पर दिया जोर
दीपक रावत ने कहा कि हिमालय संग्रहालय में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की अनेक वस्तुएं संरक्षित हैं, लेकिन सीमित स्थान के कारण सभी सामग्री का समुचित प्रदर्शन नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने संग्रहालय के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऐसे संग्रहालय नई पीढ़ी को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक धरोहरों और पारंपरिक उपकरणों को देखने से युवाओं में नई सोच विकसित होती है और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
कई शिक्षाविद रहे मौजूद
इस अवसर पर संग्रहालय प्रभारी प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. संजय टम्टा, डॉ. मनोज बाफिला, पी.एस. अधिकारी, डॉ. भुवन चन्द्र शर्मा, डॉ. विरेन्द्र पाल सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


