Wednesday, October 14, 2026
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देहरादून में सीएम धामी की हाई लेवल मीटिंग, वनाग्नि, पेयजल, स्वास्थ्य और मानसून तैयारियों की समीक्षा

रिपोर्ट: सचिन कुमार

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में वनाग्नि नियंत्रण, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और मानसून तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और वनाग्नि की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि आग लगने की सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचें।


वनाग्नि नियंत्रण के लिए ‘शीतलखेत मॉडल’ लागू होगा

सीएम धामी ने राज्यभर में वनाग्नि रोकथाम के लिए शीतलखेत मॉडल लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने फायर लाइन के पास छोटी-छोटी तलैया बनाने, मजबूत एक्शन प्लान तैयार करने और आग बुझाने वाले कर्मचारियों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए बड़े स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई।


फॉरेस्ट गार्ड के 1000 पदों पर भर्ती का ऐलान

मुख्यमंत्री ने वन विभाग को मजबूत करने के लिए फॉरेस्ट गार्ड के एक हजार नए पदों पर भर्ती करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ग्राम समितियों और वन पंचायतों को वनाग्नि रोकथाम के लिए बजट उपलब्ध कराने को कहा गया।

मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए प्रत्येक डिवीजन में पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मोबाइल अलर्ट सिस्टम को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।


पेयजल और बिजली आपूर्ति बनाए रखने पर फोकस

गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश में पेयजल आपूर्ति को सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था हो और खराब पेयजल लाइनों को जल्द ठीक किया जाए।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि मैदानी क्षेत्रों के साथ-साथ तीर्थ और पर्यटन स्थलों पर भी पानी की कमी न हो। साथ ही प्रदेश में बिजली आपूर्ति निर्बाध रखने और ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।


मानसून से पहले तैयारियां तेज, अधिकारियों को फील्ड विजिट के निर्देश

मानसून को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिलों के प्रभारी सचिव अपने-अपने क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करें और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतें।


अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में फायर सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य करने और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और गर्भवती महिलाओं का पूरा डेटा सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया, खासकर मानसून के दौरान उनकी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही।


चारधाम यात्रा में सुरक्षा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने निर्देश दिया कि जो यात्री स्वास्थ्य परीक्षण में फिट न पाए जाएं, उन्हें यात्रा से रोकने के लिए प्रेरित किया जाए।


प्रदेश में बढ़ती गर्मी और आगामी मानसून को देखते हुए सरकार की यह तैयारी प्रशासनिक सक्रियता को दर्शाती है। अब इन निर्देशों के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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