रिपोर्ट: अभिषेक शर्मा
रुद्रपुर की बिगवाड़ा मंडी में चबूतरों के आवंटन और प्रस्तावित नीलामी को लेकर चल रहा विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। छोटे फल एवं सब्जी व्यापारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होने के बाद अब स्थानीय विधायक शिव अरोड़ा स्वयं मैदान में उतर आए हैं।
रविवार सुबह विधायक शिव अरोड़ा अचानक बिगवाड़ा मंडी पहुंचे और व्यापारियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान मंडी परिसर में मौजूद व्यापारियों ने उनका स्वागत किया और अपनी वर्षों पुरानी आजीविका पर मंडरा रहे खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की।
व्यापारियों ने विधायक को बताया कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से मंडी परिसर में टीन शेड के नीचे बने चबूतरों पर फल और सब्जियों का थोक व्यापार कर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मंडी समिति द्वारा नए आवंटन और नीलामी प्रक्रिया के नाम पर मौजूदा व्यापारियों पर स्थान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक शिव अरोड़ा ने केवल प्रशासनिक रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर बुलाया और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी गरीब और छोटे व्यापारी के साथ अन्याय या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले वर्षों से व्यापार कर रहे छोटे दुकानदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि गरीब व्यापारियों को उजाड़कर किसी भी नई व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सकता।
शिव अरोड़ा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर पक्षपात या उत्पीड़न की शिकायत सामने आती है तो वे स्वयं व्यापारियों के साथ खड़े होकर विरोध करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष उठाया जाएगा ताकि छोटे व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बिगवाड़ा मंडी विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन चुका है। व्यापारियों को उम्मीद है कि विधायक के हस्तक्षेप के बाद उनके रोजगार और आजीविका से जुड़े मुद्दों का न्यायपूर्ण समाधान निकलेगा।


