रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून के सीमाद्वार क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत प्रस्तावित नाला पुनर्निर्माण परियोजना का जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
करीब 14 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस परियोजना के अंतर्गत आधुनिक आरसीसी बैरल नाले का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य सीमाद्वार क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाना है, ताकि बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से स्थानीय लोगों को स्थायी राहत मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के सुझावों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में स्थानीय आवश्यकताओं और लोगों की राय को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।
बिना अनुमति सड़क कटिंग पर सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सीमाद्वार क्षेत्र में बिना अनुमति सड़क कटिंग का मामला भी सामने आया। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मौके पर ही कार्य तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित मशीन को सीज करने और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश भी जारी किए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों के नाम पर नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और वैधानिक अनुमति के बाद ही किए जाएं।
जलभराव की समस्या के समाधान की उम्मीद
सीमाद्वार क्षेत्र लंबे समय से बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या से जूझता रहा है। प्रस्तावित आरसीसी बैरल नाला बनने के बाद जल निकासी व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय नागरिकों को राहत मिलेगी और क्षेत्र में आवागमन भी सुगम हो सकेगा।



