रुड़की: उत्तराखंड में मानसून की पहली तेज बारिश कई इलाकों के लिए आफत बनकर सामने आई है। हरिद्वार जिले के भगवानपुर क्षेत्र में लगातार हुई बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया। जगह-जगह जलभराव और रास्ते बाधित होने के साथ-साथ भगवानपुर के खेड़ी शिकोहपुर गांव में दो कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। इस हादसे में दो परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, समय रहते पड़ोसियों की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया।
बारिश के चलते शमीम अंसारी और रफी कुरैशी के कच्चे मकान अचानक ढह गए। मकान गिरने से घर का अधिकांश सामान मलबे में दब गया। सबसे बड़ा नुकसान शमीम अंसारी के परिवार को हुआ, जहां कुछ महीनों बाद बेटी की शादी होनी थी। शादी के लिए खरीदा गया सामान भी मलबे में दबकर पूरी तरह खराब हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शाम से शुरू हुई तेज बारिश ने कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई घरों में खाना बनाने, रहने और सोने तक की समस्या पैदा हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से अन्य जर्जर मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान गिरने से ठीक पहले पड़ोसियों ने सतर्कता दिखाते हुए परिवार के लोगों को बाहर निकाल लिया। यदि समय रहते उन्हें बाहर नहीं निकाला जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम भगवानपुर को पूरे मामले से अवगत कराया गया। प्रशासन ने बताया कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता दिलाने के लिए मौके का निरीक्षण किया जाएगा और मुआवजे संबंधी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को सामान्य बना सकें।



