रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित लोकभवन में आज श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय द्वारा ‘प्रज्ञानंम’ कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
इस कार्यक्रम में भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) चैटबॉट ‘प्रज्ञानंम’ को लॉन्च किया गया। इस चैटबॉट का उद्देश्य भारतीय परंपरा, वेद, पुराण और उपनिषदों से जुड़ी जानकारी को आधुनिक तकनीक के माध्यम से लोगों तक पहुंचाना है।राज्यपाल गुरमीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन अत्यंत हर्ष का विषय है, क्योंकि ‘प्रज्ञानंम’ पोर्टल और चैटबॉट का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में AI तकनीक का योगदान बहुत बड़ा है और इसके माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि ‘प्रज्ञानंम’ के जरिए लोगों को वेद, पुराण और उपनिषदों के बारे में गहराई से जानने का अवसर मिलेगा। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक सशक्त माध्यम बनेगी और आने वाले समय में भारत को ज्ञान के क्षेत्र में और मजबूत बनाएगी।राज्यपाल ने यह भी कहा कि 21वीं सदी भारत की सदी होगी और AI तकनीक इसमें अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना पर विश्वविद्यालय ने करीब 15 महीने तक शोध किया है, जिसके तहत दो पुस्तकें भी तैयार की गई हैं। साथ ही, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन भी किया गया।
‘प्रज्ञानंम’ चैटबॉट की एक खास बात यह भी है कि इसमें विभिन्न भाषाओं के ज्ञान को शामिल करने का प्रयास किया गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।यह पहल भारतीय ज्ञान प्रणाली और आधुनिक तकनीक के संगम का एक बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है, जो आने वाले समय में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकती है।


