उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से हज यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष अप्रैल माह से शुरू होने वाली हज यात्रा में उत्तराखंड से 1366 श्रद्धालु शामिल होने जा रहे हैं।
युद्ध के माहौल से बढ़ी बेचैनी
मौजूदा समय में ईरान और इज़रायल समेत अन्य देशों के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालात का असर अब हज यात्रियों पर भी दिखाई देने लगा है। यात्रा की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं और उनके परिजनों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने जताई चिंता
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हज पर जाने वाले सभी लोग यही दुआ कर रहे हैं कि मौजूदा तनाव जल्द खत्म हो और शांति स्थापित हो।
“जंग इंसानियत के खिलाफ”
शादाब शम्स ने कहा कि भारत की संस्कृति हमेशा “सर्वे भवन्तु सुखिनः” और “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना को दर्शाती है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि युद्ध किसी भी दृष्टि से सही नहीं है, क्योंकि इसका सबसे ज्यादा नुकसान बेगुनाह लोगों को उठाना पड़ता है।
हज यात्रा की तैयारियां जारी
तनाव के बावजूद हज यात्रा की तैयारियां जारी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को लेकर लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।


