बीकेटीसी के खिलाफ भैरव सेना का प्रदर्शन
देहरादून में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के खिलाफ उठ रहे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बीच भैरव सेना ने मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को भैरव सेना के कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और बीकेटीसी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
VIP दर्शन व्यवस्था पर जताई आपत्ति
भैरव सेना के केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि उत्तराखंड के चारधाम देश-विदेश के करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। श्रद्धालु लंबी दूरी तय कर और अपनी मेहनत की कमाई खर्च कर भगवान के दर्शन के लिए धामों में पहुंचते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीकेटीसी द्वारा VIP दर्शन के नाम पर 1100 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, जिससे धार्मिक स्थलों का व्यवसायीकरण हो रहा है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था सामान्य श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ न्याय नहीं करती और आस्था के केंद्रों को आर्थिक गतिविधियों तक सीमित करने का प्रयास है।
वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग
भैरव सेना ने बीकेटीसी में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि चारधाम से जुड़े सभी वित्तीय और प्रशासनिक मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
राज्यपाल को भेजा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में चारधाम यात्रा व्यवस्था, VIP दर्शन शुल्क और मंदिर समिति के कार्यों की समीक्षा कर उचित कदम उठाने की मांग की गई है।
चारधाम आस्था का केंद्र, व्यापार का नहीं : भैरव सेना
भैरव सेना का कहना है कि बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे पवित्र धाम केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं और इन्हें किसी भी प्रकार के व्यवसायीकरण से बचाया जाना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


