रिपोर्ट: धर्मेंद्र सिंह
मसूरी-देहरादून मार्ग पर नगर पालिका द्वारा संचालित ईको टैक्स बैरियर एक बार फिर विवादों और यात्रियों की परेशानी का केंद्र बन गया है। लगातार लगने वाले लंबे जाम को लेकर स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मामले पर अब फास्टैग प्रणाली लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी है।
एग्रीमेंट की शर्तों के उल्लंघन के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ईको टैक्स बैरियर के ठेकेदार द्वारा एग्रीमेंट में तय शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। पर्यटकों को सुविधाएं देने के नाम पर केवल शुल्क वसूली की जा रही है, जबकि मूल उद्देश्य—सुव्यवस्थित यातायात और पर्यटक सुविधा—कहीं दिखाई नहीं देता।
पर्यटन सीजन के दौरान यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को भारी असुविधा झेलनी पड़ती है।
फास्टैग व्यवस्था पर विचार, लेकिन समय अनिश्चित
नगर पालिका द्वारा जाम की समस्या से निपटने के लिए ईको टैक्स बैरियर पर फास्टैग व्यवस्था लागू करने की संस्तुति तो कर दी गई है, लेकिन इसे लागू किए जाने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
साथ ही, ईको टैक्स से होने वाली आय और उसके उपयोग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस धनराशि से अब तक कितने विकास कार्य हुए हैं, इसका सार्वजनिक विवरण जारी किया जाना चाहिए।
पारदर्शिता की मांग — श्वेत पत्र जारी करने की अपील
जनता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि नगर पालिका को ईको टैक्स से होने वाली आय और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। मांग उठ रही है कि इस पर एक श्वेत पत्र जारी किया जाए, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
एग्रीमेंट में तय सुविधाएं भी नदारद
एग्रीमेंट के अनुसार ईको टैक्स बैरियर पर पर्यटकों को मसूरी से जुड़ी जानकारी पुस्तिका, मेडिकल सहायता और पर्यावरण अनुकूल बैग जैसी सुविधाएं दी जानी थीं, लेकिन पर्यटकों का आरोप है कि इनमें से कोई भी सुविधा मौके पर उपलब्ध नहीं कराई जाती।
विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं
होटल एसोसिएशन का समर्थन
उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने फास्टैग व्यवस्था को सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि पूर्व में टोल टैक्स हटाने से राहत मिली थी, लेकिन अब फिर से जाम की स्थिति गंभीर हो गई है। फास्टैग से यातायात सुचारू हो सकता है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि ईको बैरियर के कारण लगातार घंटों जाम लग रहा है, जो पर्यटन सीजन में और भी गंभीर हो जाता है। उन्होंने फास्टैग व्यवस्था को तत्काल लागू करने की मांग की है।
सोशल एक्टिविस्ट की मांग
सोशल एक्टिविस्ट अनूप नौटियाल ने कहा कि पहले ईको टैक्स बैरियर को हटाया जाना चाहिए और इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए कि वसूली गई राशि का उपयोग कहां किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में मुख्य सचिव और जिलाधिकारी को पत्र भी भेजा है।


