रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून: लंबे समय से दायित्वों का इंतजार कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए धामी सरकार ने आखिरकार बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विभिन्न विभागों, परिषदों, बोर्ड और निगमों में दायित्वों का पिटारा खोलते हुए कई नामों को जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं।
दायित्वधारियों की बढ़ती सूची को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस की तर्ज पर नियुक्तियां करने के आरोपों के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस पर कड़ा पलटवार किया है।
महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि भाजपा और कांग्रेस की कार्यशैली में जमीन-आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा कि भाजपा में दायित्वधारी केवल ‘एडजस्टमेंट’ के लिए नहीं बनाए जाते, बल्कि पार्टी और सरकार के कार्यों में सक्रिय सहयोग के लिए जिम्मेदारियां दी जाती हैं।
भट्ट ने यह भी दावा किया कि वर्तमान दायित्वधारियों की सूची कांग्रेस सरकार के समय की सूची के मुकाबले एक-तिहाई से भी कम है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में सरकार में सहयोग के लिए कुछ और नामों को भी दायित्व दिए जा सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह कदम आगामी राजनीतिक समीकरणों को साधने और संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर बना हुआ है।


