रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: जन शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान को लेकर देहरादून जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों से लगातार बड़ी संख्या में शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनकी जीआईएस (GIS) आधारित मैपिंग कराई जाएगी। इसके आधार पर समस्या-ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान कर संबंधित विभागों और अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) को पिछले 10 समाधान दिवसों के आंकड़ों का विभागवार विश्लेषण करने और शिकायत-बहुल क्षेत्रों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।
समाधान दिवस में कुल 146 फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस दौरान भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, बैंक ऋण, आर्थिक सहायता और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। डीएम ने संबंधित विभागों को इन मामलों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता देने, महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने तथा विभिन्न विभागों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए।
जिला प्रशासन का मानना है कि शिकायतों की वैज्ञानिक निगरानी और जवाबदेही तय होने से न केवल समस्याओं का स्थायी समाधान होगा, बल्कि आम जनता का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा।



