रिपोर्टर: ललित जोशी
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में नगर पालिका प्रशासन और सभासदों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका के कई सभासद नगर पालिका कार्यालय परिसर के बाहर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए हैं। सभासदों का आरोप है कि पालिका प्रशासन में गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं और वार्डों के विकास कार्यों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
नगर पालिका चुनाव को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सभासदों का कहना है कि उनकी समस्याओं और सुझावों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसी के विरोध में सभी सभासद एकजुट होकर आंदोलन कर रहे हैं।
धरने के दौरान सभासदों ने अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) को 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इन मांगों को लेकर प्रशासन को अवगत कराया गया था और समाधान के लिए समय सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सभासदों ने नगर में कूड़ा निस्तारण की गंभीर समस्या, खराब होती प्रकाश व्यवस्था और डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था के लगभग ठप होने पर गहरी नाराजगी जताई। इसके अलावा बिना बोर्ड बैठक के विभिन्न निविदाएं जारी करने, करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए कूड़ेदानों में कथित अनियमितताओं तथा 20 लीटर के बजाय 17 लीटर क्षमता वाले कूड़ेदान वितरित किए जाने के आरोप भी लगाए गए।
ज्ञापन में शत्रु संपत्ति पर अतिक्रमण, उससे संबंधित निविदा प्रक्रिया, पूर्व में लगाए गए विद्युत पोलों पर अब तक तार न लगाए जाने तथा सभासदों के लिए अलग सभासद कक्ष उपलब्ध कराने जैसी मांगें भी शामिल हैं।
धरना दे रहे सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।
धरना प्रदर्शन में सभासद जितेंद्र कुमार पांडे ‘जीनू’, मनोज जगाती, गजाला कमाल, भगवत रावत, रमेश प्रसाद, अंकित चंद्रा सहित विभिन्न वार्डों के कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभासदों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।



