रिपोर्टर: ऐजाज हुसैन
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। बीते दिनों क्षेत्र में जंगली हाथी के हमलों ने दहशत का माहौल पैदा कर दिया, जहां 72 घंटे के भीतर दो पुरुषों और एक महिला की कुचलकर मौत हो गई।
टेम्पो पर भी हाथी का हमला, बाल-बाल बचे लोग
अगले ही दिन शाह पठानी खत्ते से लालकुआं की ओर गेहूं लेकर आ रहे एक टेम्पो पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। टेम्पो में सवार तीन लोग किसी तरह वाहन छोड़कर भागने में सफल रहे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि हाथी ने टेम्पो में रखी गेहूं की बोरियों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग ने बढ़ाई गश्त, लोगों को किया जागरूक
घटनाओं के बाद आखिरकार तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज का वन विभाग सक्रिय हुआ है। अधिकारियों ने शाह पठानी खत्ते और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करते हुए जंगल के नजदीक न जाने की अपील की है। साथ ही क्षेत्र में गश्त भी बढ़ा दी गई है।
हाथियों के आक्रामक होने की वजह बताई
वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम ने बताया कि इस समय हाथियों का सहवास काल चल रहा है, जिसके कारण वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि बिना आवश्यकता जंगल की ओर न जाएं और यदि जाना जरूरी हो तो समूह में जाएं तथा पूरी सावधानी बरतें।


