रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: यात्रियों, खासकर महिला यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। देहरादून में 1 अप्रैल 2019 के बाद पंजीकृत सभी पैसेंजर वाहनों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इस व्यवस्था के प्रभावी संचालन के लिए मुख्यालय स्तर पर अत्याधुनिक कंट्रोल रूम भी तैयार कर लिया गया है।
देहरादून के आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
25 हजार से अधिक वाहनों में लगाया गया सुरक्षा सिस्टम
आरटीओ प्रशासन के अनुसार, देहरादून जिले में अब तक 25,000 से अधिक पैसेंजर वाहनों में GPS और पैनिक बटन की सुविधा स्थापित की जा चुकी है। इन सभी वाहनों की निगरानी के लिए एक समर्पित कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से वाहनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
14 तरह के सुरक्षा अलर्ट से होगी निगरानी
नई GPS आधारित सुरक्षा प्रणाली कुल 14 अलग-अलग अलर्ट्स के साथ काम करेगी। यह सिस्टम वाहन की गतिविधियों और चालक के व्यवहार की लगातार मॉनिटरिंग करेगा।
इसमें प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं:
- वाहन की ओवर स्पीडिंग पर तुरंत अलर्ट।
- कठोर ब्रेक (Harsh Braking) लगने की स्थिति की निगरानी।
- GPS डिवाइस के साथ छेड़छाड़ (Tampering) होने पर तत्काल सूचना।
- अन्य सुरक्षा संबंधी तकनीकी अलर्ट, जिससे वाहन की वास्तविक स्थिति पर नजर रखी जा सके।
पैनिक बटन दबाते ही 112 और पुलिस को मिलेगी सूचना
इस सुरक्षा प्रणाली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वाहन में लगे पैनिक बटन को दबाते ही सिस्टम सीधे 112 इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेवा से जुड़ जाएगा। इसके साथ ही पुलिस को तत्काल वाहन की सटीक लोकेशन प्राप्त होगी, जिससे मौके पर तेजी से सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
इसके लिए पुलिस विभाग के लिए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित की गई है। इस ऐप के माध्यम से पैनिक अलर्ट मिलते ही संबंधित वाहन की लाइव लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी और आवश्यक कार्रवाई तुरंत शुरू की जा सकेगी।
सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी का कहना है कि GPS ट्रैकिंग और पैनिक बटन जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पहले से अधिक सुरक्षित बनेगी। विशेष रूप से महिला यात्रियों और आपातकालीन परिस्थितियों में यह प्रणाली त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



