रुड़की में वाहन और ढाई लाख रुपये की लूट की सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने का मामला सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि कथित लूट की कहानी पूरी तरह फर्जी थी और मामला आपसी पैसों के लेनदेन से जुड़ा हुआ था। इसके बाद हरिद्वार पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
112 पर दी गई थी लूट की सूचना
जानकारी के मुताबिक, सलीम पुत्र अली हसन निवासी खाताखेड़ी, थाना मंडी, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) ने 112 पर सूचना दी कि ग्राम खेड़ी शिकोहपुर से कुछ लोग उसकी गाड़ी और उसमें रखे करीब 2.5 लाख रुपये जबरन छीनकर फरार हो गए हैं।
सूचना मिलते ही भगवानपुर कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई और प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में मामले के खुलासे के लिए टीम गठित की गई।
CCTV जांच में सामने आई सच्चाई
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि नबीर पुत्र जमील, शौकिन पुत्र बाबू निवासी मानकमाजरा और साहिब पुत्र अलीम निवासी डाडा जलालपुर वाहन को अपने साथ ले गए थे।
तीनों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, जहां जांच में मामला आपसी पैसों के लेनदेन का निकला।
पुलिस को गुमराह करने की थी साजिश
पूछताछ में सामने आया कि शिकायतकर्ता सलीम ने योजनाबद्ध तरीके से पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वाहन ले जाने वाले तीन लोगों समेत सूचना देने वाले सलीम और नौशाद पुत्र शमशाद निवासी सम्राट कॉलोनी, सहारनपुर के खिलाफ भी कार्रवाई की।
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 172 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस ने दिया सख्त संदेश
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया कि पुलिस हर समय जनता की सहायता के लिए तैयार है, लेकिन झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


