Saturday, November 7, 2026
HomeUttarakhandउत्तराखंड में सोलर फेंसिंग योजना से किसानों को राहत, जंगली जानवरों से...

उत्तराखंड में सोलर फेंसिंग योजना से किसानों को राहत, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा

रिपोर्ट: कुलदीप राणा

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती और पशुपालन पर आधारित है। खासतौर पर सब्जी उत्पादन यहां के लोगों के लिए आय का एक प्रमुख साधन बन चुका है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया था।

इसी समस्या का समाधान निकालते हुए जयमंडी गांव के ग्रामीणों ने एक अनोखी पहल की है। सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश उनियाल के सहयोग से गांव के चारों ओर सोलर फेंसिंग लगाई गई है, जिससे अब फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो रही है।

किसानों को मिली बड़ी राहत

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में आलू, गोभी और मटर जैसी सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। लेकिन बीते 3 वर्षों में जंगली जानवरों ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे काश्तकारों में निराशा बढ़ गई थी।

अब सोलर फेंसिंग लगने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है। काश्तकारों का कहना है कि इस पहल से उनकी फसलें सुरक्षित हो रही हैं और आय में भी सुधार की उम्मीद जगी है।

क्या है सोलर फेंसिंग योजना?

सोलर फेंसिंग एक ऐसी तकनीक है, जिसमें सोलर ऊर्जा से चलने वाली हल्की करंट वाली तारबंदी की जाती है। यह जंगली जानवरों को खेतों में प्रवेश करने से रोकती है, लेकिन उन्हें कोई गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाती।

32 गांवों में लागू हो रही योजना

सामाजिक कार्यकर्ता कमलेश उनियाल के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले के करीब 32 गांवों में सोलर फेंसिंग योजना लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य न सिर्फ फसलों की सुरक्षा करना है, बल्कि ग्रामीणों को जंगली जानवरों के हमलों से भी बचाना है।

उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में जंगली जानवर इंसानों के लिए भी खतरा बनते जा रहे हैं, ऐसे में यह योजना बेहद प्रभावी साबित हो रही है।

- Advertisement -```html
```
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments