Friday, November 6, 2026
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उत्तराखंड में मंत्रीमंडल विस्तार: क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर फोकस, कई नए चेहरे शामिल

उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में मंत्रीमंडल का विस्तार किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है। इस विस्तार में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों को विशेष तवज्जो दी गई है।

उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। राज्य में मंत्रीमंडल का विस्तार किया गया है, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है। इस विस्तार में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों को विशेष तवज्जो दी गई है।


देहरादून से खजान दास को जिम्मेदारी

देहरादून की राजपुर रोड सीट से विधायक खजान दास को मंत्री पद सौंपा गया है। खजान दास इससे पहले भी दो बार मंत्री रह चुके हैं, ऐसे में उनके अनुभव का लाभ सरकार को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


हरिद्वार से मजबूत प्रतिनिधित्व

हरिद्वार जिले से भी इस बार मंत्रीमंडल में अहम भागीदारी देखने को मिली है।

  • मदन कौशिक (हरिद्वार) को दोबारा मंत्री बनाया गया है। वे पहले भी कई बार मंत्री रह चुके हैं और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का पद भी संभाल चुके हैं।
  • प्रदीप बत्रा (रुड़की) को पहली बार मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है।

नैनीताल और रुद्रप्रयाग को भी मिला मौका

  • राम सिंह कैड़ा (भीमताल, नैनीताल) को मंत्रीमंडल में शामिल किया गया है।
  • भारत सिंह चौधरी (रुद्रप्रयाग) को भी पहली बार मंत्री बनने का अवसर मिला है।

संतुलन साधने की कोशिश

इस मंत्रीमंडल विस्तार में सरकार ने स्पष्ट रूप से क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाने की रणनीति अपनाई है। अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका देकर राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है।

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