उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी का केंद्रीय अधिवेशन संपन्न, प्रभात ध्यानी सर्वसम्मति से बने केंद्रीय अध्यक्ष

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रामनगर में हुआ उत्तराखंड परिवर्तन Party का दो दिवसीय केंद्रीय अधिवेशन

रामनगर में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) का दो दिवसीय केंद्रीय अधिवेशन संपन्न हुआ। अधिवेशन के दौरान प्रदेश और देश की वर्तमान राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों पर व्यापक चर्चा की गई। साथ ही संगठन को मजबूत बनाने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

अधिवेशन में पार्टी की नई केंद्रीय कार्यकारिणी का गठन भी किया गया, जिसमें राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी को सर्वसम्मति से पार्टी का केंद्रीय अध्यक्ष चुना गया।

प्रभात ध्यानी ने संभाली संगठन की कमान

केंद्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद प्रभात ध्यानी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी राज्य के मूल मुद्दों को लेकर संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी वर्ष 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत और मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी।

भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नवनियुक्त अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार उत्तराखंड की अस्मिता, सम्मान और राज्य आंदोलन की मूल अवधारणा के साथ खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य निर्माण के पीछे जो मूल उद्देश्य थे, उनसे सरकार लगातार दूर होती जा रही है। ऐसे में प्रदेश के हितों और जनभावनाओं की रक्षा के लिए एक मजबूत राजनीतिक विकल्प खड़ा करना आवश्यक हो गया है।

समान विचारधारा वाले संगठनों को साथ लाने की तैयारी

प्रभात ध्यानी ने कहा कि पार्टी समान विचारधारा वाले संगठनों, सामाजिक समूहों और जन आंदोलनों से जुड़े लोगों को साथ लेकर एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी।

उन्होंने दावा किया कि जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कड़ी चुनौती दी जाएगी।

कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा और बेरोजगारी होंगे प्रमुख मुद्दे

अधिवेशन के दौरान प्रदेश की कानून व्यवस्था, बढ़ते महिला अपराध, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई।

पार्टी नेताओं का कहना है कि प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर हालात चिंताजनक हैं और सरकार इन मामलों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में विफल रही है। इसके अलावा बढ़ती बेरोजगारी और भ्रष्टाचार भी आगामी चुनाव में प्रमुख राजनीतिक मुद्दे होंगे।

राज्य आंदोलन की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प

अधिवेशन में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन की मूल भावना को आगे बढ़ाने तथा राज्य के संसाधनों, रोजगार और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

पार्टी का मानना है कि प्रदेश के विकास, पारदर्शी शासन और जनहित के मुद्दों को लेकर जनता के बीच व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।

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