उत्तराखंड के मसूरी में पिछले 9 महीनों से बेरोजगारी का सामना कर रहे रेहड़ी-पटरी व्यापारियों का आंदोलन अब तेज हो गया है। व्यापारियों ने अपने हक की लड़ाई के लिए आर-पार का ऐलान कर दिया है।
सोमवार को दर्शन झूला घर क्षेत्र में राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि देकर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की गई। व्यापारियों ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में शहीद हुए आंदोलनकारियों के चित्रों पर माल्यार्पण कर अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने का संदेश दिया।
हालांकि, पहले माल रोड पर दुकानें लगाने की घोषणा की गई थी, लेकिन प्रशासन और नगर पालिका की सख्ती के बाद रणनीति में बदलाव किया गया। नगर पालिका द्वारा माल रोड पर बेंच लगाए जाने के चलते व्यापारियों ने फिलहाल धरना-प्रदर्शन और मशाल जुलूस निकालने का निर्णय लिया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में फ्लैग मार्च भी किया।
पटरी व्यापारी संजय टम्टा ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज के प्रदर्शन और जुलूस के बाद व्यापारी कल से दोबारा दुकानें लगाने का प्रयास करेंगे।
वहीं, रेहड़ी-पटरी व्यापारी संघ के अध्यक्ष रामकिशन राही ने कहा कि नगर पालिका और प्रशासन द्वारा उनके आंदोलन को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि न्यायालय से उन्हें राहत मिलेगी।
समाजसेवी प्रकाश राणा ने भी व्यापारियों का समर्थन करते हुए कहा कि रेहड़ी-पटरी से जुड़े परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कई लोगों के पास बच्चों की फीस तक भरने के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में प्रशासन का रवैया अनुचित है और यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र होगा।
फिलहाल, मसूरी में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।


