संवाददाता: सागर रस्तोगी
पर्यटन सीजन में गैस संकट ने बढ़ाई चिंता
चारधाम यात्रा से पहले ऋषिकेश में पर्यटन गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं, लेकिन इसी बीच LPG गैस सिलेंडर की कमी ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थिति यह है कि कई होटल-रेस्टोरेंट अब इलेक्ट्रिक चूल्हों और लकड़ी के चूल्हों का सहारा लेकर खाना बनाने को मजबूर हैं।
बढ़ सकता है खाने का दाम
गैस की कमी के कारण संचालन लागत तेजी से बढ़ रही है।
- लकड़ी और बिजली का खर्च ज्यादा
- गैस की अनियमित सप्लाई
- कमर्शियल सिलेंडर की सीमित उपलब्धता
ऐसे में कई होटल संचालक खाने-पीने के दाम बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, जिसका सीधा असर पर्यटकों और श्रद्धालुओं पर पड़ सकता है।
सप्लाई में क्या है दिक्कत?
- घरेलू गैस सिलेंडर अब 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकता है
- बुकिंग के 2-3 दिन बाद डिलीवरी मिल रही है
- कमर्शियल गैस सिलेंडर का कोटा सिर्फ 20% तक सीमित
इस वजह से होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
चारधाम यात्रा पर पड़ सकता है असर
आने वाले समय में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, जिसमें लाखों श्रद्धालु ऋषिकेश से होकर गुजरते हैं।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि:
इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए भोजन व्यवस्था कैसे होगी?
कारोबारियों की मांग
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने सरकार से मांग की है कि:
- चारधाम यात्रा के दौरान अलग से गैस सिलेंडर कोटा दिया जाए
- कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाई जाए
राहत की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाल ही में युद्धविराम की खबरों के बाद ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। कारोबारियों को भरोसा है कि आने वाले दिनों में गैस संकट कम हो सकता है।


