रिपोर्ट: ललित जोशी
उत्तराखंड की खूबसूरत सरोवर नगरी नैनीताल में आयोजित हिम शिखर लोकोत्सव के तहत एक शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों का मन मोह लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से संबद्ध उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज की केंद्रीय नोडल एजेंसी के सहयोग से आरोह सांस्कृतिक कला समिति, नैनीताल द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिली। रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा माहौल पहाड़ी गीतों और नृत्यों से सराबोर हो गया।
इस आयोजन का नेतृत्व समिति की अध्यक्ष रीना आर्या ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथियों के रूप में राम सेवक सभा के अध्यक्ष मनोज साह, प्रो. ललित तिवारी, विमल चौधरी और शोभा चारक (केंद्रीय संचार ब्यूरो, नैनीताल) उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। दीपा, अजय, शुभम, मोनिका, पवन, महेश, हेम, पीयूष, सुमित, माही और पीहू जैसे कलाकारों ने अपने प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं गायन में मोनिका और अजय कुमार, ढोलक पर संजू और सिंथेसाइज़र पर शुभम ने कार्यक्रम में जान डाल दी।
लोकप्रिय पहाड़ी गीतों जैसे “मासी का फूला वंदना”, “ओ लाली हो”, “गगुली लसकमर”, “छम-छम बाजीली” और “मैं तेरी चंदा तू मेरी चकोर” पर दर्शक झूम उठे। कार्यक्रम का सफल संचालन दिलावर ने किया।
इस सांस्कृतिक संध्या ने कुमाऊं और गढ़वाल की समृद्ध विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि स्थानीय संस्कृति के प्रति लोगों के जुड़ाव को भी मजबूत किया।


