रुड़की ब्लॉक के माधोपुर हजरतपुर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर जांच शुरू की, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
जांच में क्या मिला?
जांच के दौरान स्थिति उस वक्त हैरान करने वाली हो गई, जब संबंधित अधिकारी गांव में कराए गए कार्यों का स्पष्ट विवरण तक नहीं दे सके।
- अधिकारी यह बताने में असमर्थ रहे कि किन-किन स्थानों पर सड़कें बनाई गईं
- कई कार्यों का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं था
इससे पूरे मामले में लापरवाही और संभावित गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।
शिकायत में क्या आरोप?
ग्रामीण आदिल की शिकायत पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत में कुल 32 विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- सड़क निर्माण
- खेतों में पाइपलाइन बिछाना
- नाला खुदाई
- तालाब सौंदर्यीकरण
अधिकारियों की टीम ने किया निरीक्षण
तहसीलदार विकास अवस्थी और खंड विकास अधिकारी सुमन दत्त कुटियाल अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और मौके पर सत्यापन शुरू किया।
हालांकि, पर्याप्त जानकारी के अभाव में टीम फिलहाल केवल 9 कार्यों की ही जांच कर सकी।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि:
- एक सप्ताह के भीतर सभी 32 कार्यों का पूरा विवरण प्रस्तुत करें
- प्रत्येक परियोजना का दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध कराएं
माधोपुर हजरतपुर में सामने आया यह मामला विकास कार्यों की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब सभी की नजरें आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि जमीनी स्तर पर विकास हुआ है या सिर्फ कागजों में ही सीमित रहा।


