पर्वतराज हिमालय की गोद में स्थित केदारनाथ धाम से जुड़ी आस्था की एक बड़ी परंपरा के तहत भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से कैलाश के लिए रवाना हो गई।
डोली प्रस्थान के दौरान वेद मंत्रों की गूंज, भक्तों की जयकार, महिलाओं के भजन और आर्मी व स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
भव्य सजावट और श्रद्धालुओं की भीड़
डोली प्रस्थान के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर को लगभग 8 कुंतल विभिन्न प्रकार के फूलों से भव्य रूप से सजाया गया।
इस दौरान कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
देशभर से हजारों भक्त इस पावन क्षण के साक्षी बनने और बाबा केदार का आशीर्वाद लेने पहुंचे।
डोली का यात्रा कार्यक्रम
- आज (रविवार): प्रथम रात्रि प्रवास – फाटा
- सोमवार: रात्रि प्रवास – गौरीकुंड स्थित गौरीकुंड मंदिर
- 21 अप्रैल: केदारनाथ धाम पहुंचकर भंडार गृह में विराजमान
- 22 अप्रैल (प्रातः 8 बजे): विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कपाट खुलेंगे
चारधाम यात्रा की तैयारियां
डोली प्रस्थान के साथ ही चारधाम यात्रा की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन और बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में जुटे हैं।
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी व बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं।
केदारनाथ डोली प्रस्थान के साथ ही उत्तराखंड में आस्था और श्रद्धा का महापर्व शुरू हो गया है। अब श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए उत्साहित हैं और 22 अप्रैल को कपाट खुलने का इंतजार कर रहे हैं।


