रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून में आज उत्तराखंड विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के राजनीतिक परिदृश्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस सत्र में नेता सदन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, नेता प्रतिपक्ष सहित विभिन्न दलों के विधायकों ने अपने-अपने विचार रखे।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने लंच ब्रेक के दौरान मीडिया से बातचीत में बताया कि इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने की दिशा में सार्थक पहल करना है। उन्होंने कहा कि यह कदम मातृशक्ति के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को आरक्षण देने का अंतिम अधिकार केंद्र सरकार के पास है। इस मुद्दे पर विपक्ष के सदस्यों ने भी जोरदार तरीके से अपनी बात रखी और मांग की कि राज्य विधानसभा में भी महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाए।
ऋतु खंडूड़ी भूषण ने आगे कहा कि यदि यह महत्वपूर्ण विधेयक पारित होता है, तो इससे महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ेगी और वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ सकेंगी।
यह विशेष सत्र राज्य में महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को लेकर एक नई बहस को जन्म दे सकता है, जिसका प्रभाव आने वाले समय में राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।


