रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक संपन्न हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में कुल 18 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों, परिवहन, शिक्षा, वन विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
कैबिनेट ने कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को तेज करने के लिए स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने का निर्णय लिया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेलाधिकारी स्तर पर, 5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल कमिश्नर स्तर पर और इससे अधिक राशि के कार्य शासन स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे।
परिवहन विभाग को भी बड़ी राहत मिली है। राज्य में 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। वहीं, जीएसटी दरों में बदलाव से पहले स्वीकृत 100 बसों की संख्या बढ़ाकर 109 कर दी गई है। साथ ही प्रवर्तन पर्यवेक्षकों और सिपाहियों की नई वर्दी भी तय कर दी गई है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बड़ा निर्णय लेते हुए 452 मदरसों के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। अब कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला अधिकारी (डीएम) से मान्यता लेनी अनिवार्य होगी। रामनगर बोर्ड के अंतर्गत 52 मदरसों को मान्यता प्रदान की जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक छात्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख फैसले:
- वित्त विभाग: आबकारी में 6% वैट दर को नियमावली में शामिल किया गया।
- संस्कृत शिक्षा: सेवा नियमावली को मंजूरी, शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त।
- पीडब्ल्यूडी: बी श्रेणी के ठेकेदार अब 1.5 करोड़ रुपये तक के कार्य कर सकेंगे।
- वन विभाग: वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी की 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई। मौन पालन नीति को भी मंजूरी दी गई है, जिससे उत्तराखंड को शहद उत्पादन का मॉडल राज्य बनाने की तैयारी है। बी-बॉक्स लगाने और एसओपी तैयार करने की योजना भी शामिल है।
- उद्यान विभाग: दर 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल की गई।
- कार्मिक विभाग: एकल संवर्ग के लिए एसओपी तैयार की जाएगी।
- लोक निर्माण विभाग: वर्ष 2023 की भर्ती के साथ 6 नए पदों का सृजन किया गया।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


