रिपोर्ट: ललित जोशी
दीपक रावत ने नैनीताल स्थित एसडीएम कार्यालय, तहसील कार्यालय और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां सामने आने पर आयुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर नाराजगी जताते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
15 से 20 साल पुराने राजस्व वाद अब भी लंबित
निरीक्षण के दौरान कुमाऊं आयुक्त ने उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में लंबित राजस्व मामलों, अभिलेखों के रखरखाव और कार्यालयीय कार्यप्रणाली की समीक्षा की। धारा 229-बी के तहत कई मामले 15 से 20 वर्षों से लंबित पाए गए।
इस पर आयुक्त दीपक रावत ने निर्देश दिए कि पुराने मामलों में लंबी तारीखें देने की प्रवृत्ति तुरंत बंद की जाए और प्रत्येक सप्ताह सुनवाई कर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
पटवारियों की लापरवाही पर जताई नाराजगी
धारा 176 से जुड़े संपत्ति बंटवारे के मामलों की समीक्षा में यह पाया गया कि उपजिलाधिकारी द्वारा आदेश जारी होने के बावजूद कई पटवारियों ने ‘कुर्रे’ दाखिल नहीं किए।
इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
143 के मामलों में रिकॉर्ड अव्यवस्थित, कर्मचारियों को फटकार
धारा 143 के तहत कृषि भूमि को अकृषक घोषित करने से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान राजस्व अहलमद रोहित पालीवाल संतोषजनक जानकारी देने में असफल रहे। अभिलेखों और पत्रावलियों के रखरखाव में भी भारी अनियमितताएं पाई गईं।
आयुक्त ने इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश एसडीएम नैनीताल को दिए।
इसके साथ ही कई राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों द्वारा समय पर कार्रवाई न करने पर भी आयुक्त ने उनकी सूची तैयार कर प्रतिकूल प्रविष्टि देने को कहा।
“काम पूरा होने तक कार्यालय खुला रहेगा”
निरीक्षण के दौरान सम्मन तामिली पंजिका, इश्तहार पंजिका और अन्य रिकॉर्ड का भी अवलोकन किया गया। कई मामलों में समय पर समीक्षा और कार्रवाई नहीं होने पर आयुक्त ने एसडीएम और तहसीलदार को भी फटकार लगाई।
उन्होंने निर्देश दिए कि तहसील क्षेत्र के सभी राजस्व निरीक्षकों और उप निरीक्षकों की बैठक तत्काल बुलाई जाए और धारा 143 से जुड़े लंबित मामलों का निस्तारण उसी दिन किया जाए। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि “जब तक कार्यवाही पूरी नहीं होगी, कार्यालय खुला रहेगा।”
RCMS पोर्टल पर अपलोड होंगे सभी लंबित मामले
दीपक रावत ने निर्देश दिए कि न्यायालयों में दर्ज सभी लंबित राजस्व वादों को RCMS पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। उन्होंने 176, 210, 209, 166 और 167 सहित विभिन्न मामलों की पत्रावलियों और पंजीकाओं का निरीक्षण कर लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया।
सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में भी मिली अनियमितताएं
निरीक्षण के बाद आयुक्त ने सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां रजिस्ट्री दस्तावेजों और अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जमीन की रजिस्ट्री के बाद क्रेताओं को दस्तावेज देने के लिए रिसिविंग पंजिका उपलब्ध नहीं मिली। कई रजिस्ट्रियों का रिकॉर्ड मौके पर उपलब्ध नहीं था। इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब किया।
निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे अधिकारी
इस दौरान अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, प्रशिक्षु आईएएस दिव्यांशु मीणा, तहसीलदार अक्षत कुमार भट्ट समेत कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।


