रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल। भीमताल विकास भवन सभागार में आपदा जोखिम न्यूनीकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ पंचायती राज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन एवं जनगणना मंत्री मदन कौशिक ने किया। कार्यशाला में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल हुए।
आपदा प्रभावित क्षेत्रों में धनराशि की कमी नहीं होगी: मदन कौशिक
कार्यशाला के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड में जब भी कहीं आपदा की स्थिति उत्पन्न हुई है, सरकार के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की पहल की है। उन्होंने उत्तरकाशी में किए गए राहत एवं बचाव कार्यों का उदाहरण भी दिया।
मंत्री ने कहा कि आपदा से संबंधित राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों में धनराशि की कमी आड़े नहीं आएगी। उन्होंने जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल को निर्देश दिए कि यदि आपदा से संबंधित किसी कार्य के लिए धनराशि की आवश्यकता है तो उसका स्टीमेट तैयार कर शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जा सके।
आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक पर जोर
मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं। बड़े स्तर की आपदाओं के दौरान त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाकर नुकसान को कम करने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है। विभिन्न विभागों, एजेंसियों और संगठनों को आपदा प्रबंधन व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। सूचना तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ आपदा के समय रिस्पांस टाइम कम करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि राहत एवं बचाव दल जल्द से जल्द प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार नए प्रयास कर रही है। आधुनिक तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने पर काम किया जा रहा है।

सामुदायिक सशक्तिकरण जरूरी
मंत्री ने कहा कि बेहतर आपदा प्रबंधन के लिए केवल संसाधनों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, बल्कि आपदा के समय उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सामुदायिक सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है और इस दिशा में विभाग की ओर से लगातार नई पहल की जा रही हैं।
विभागों के बीच बेहतर समन्वय कार्यशाला का उद्देश्य
राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय रुहेला ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जनपद स्तर पर विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपदा के प्रति सजग बनाना है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर और संवेदनशील हैं तथा आपदा की स्थिति में त्वरित निर्णय लेकर राहत एवं बचाव कार्यों को गति देते हैं।
सेवानिवृत्त सैनिकों को आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ने की तैयारी
आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भंडारी (सेवानिवृत्त) ने कार्यशाला में त्वरित रिस्पॉन्स, खोज-बचाव, राहत और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं जवानों को राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र से जोड़ा जाएगा। इससे आपदा के दौरान उनके अनुभव और प्रशिक्षण का लाभ राज्य को मिल सकेगा।

सभी जिलों में आयोजित हो रही कार्यशालाएं
अपर सचिव आपदा प्रबंधन प्रकाश चन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
इन कार्यशालाओं में आपदा प्रबंधन, क्षमता विकास, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, आपदा के दौरान समन्वित कार्रवाई और आधुनिक आपदा प्रबंधन तंत्र के बारे में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी दी। डॉ. पी.डी. माथुर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के फ्रेमवर्क एवं लक्ष्यों पर जानकारी दी। वहीं डॉ. वेदिका पंत ने Incident Response System (IRS) के प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में बताया।
रोहित कुमार ने GIS प्रणाली और सचेत एप से संबंधित जानकारी साझा की, जबकि निखिल पुनिया ने आपदा प्रबंधन क्षमता विकास, IDRN पोर्टल और मोबाइल ऐप के उपयोग के बारे में जानकारी दी।
कार्यशाला में आपदा की तैयारी, पूर्व चेतावनी प्रणाली, खोज एवं बचाव कार्यों तथा आपदा के दौरान व्यवहारिक प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने आपदा से हुए नुकसान की दी जानकारी
कार्यशाला से पहले जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंत्री मदन कौशिक का बुके भेंट कर स्वागत किया। जिलाधिकारी ने मानसून काल के दौरान जिले में प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान, राहत कार्यों और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए विभिन्न विभागों को आवंटित धनराशि की जानकारी दी।
ये रहे मौजूद
कार्यशाला में विधायक नैनीताल सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, राज्य आपदा सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष विनय रुहेला, रघुवीर सिंह भंडारी, दर्जा राज्य मंत्री भावना मेहरा, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



