देहरादून, उत्तराखंड में चल रही SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर उठ रही विभिन्न आशंकाओं के बीच गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून सचिवालय में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गणेश गोदियाल ने बताया कि कांग्रेस पार्टी पूर्व में भी चुनाव आयोग को कई प्रतिवेदन सौंप चुकी है। प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से उन प्रतिवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी। साथ ही उन्होंने बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किए जा रहे आवेदनों पर भी चिंता व्यक्त की।
गोदियाल ने कहा कि कई मामलों में एक ही व्यक्ति द्वारा 50 से लेकर 150 तक नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन किए जा रहे हैं। ऐसे मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित आवेदकों की पहचान सार्वजनिक किए जाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के सिस्टम में फॉर्म-7 से संबंधित पूरी जानकारी दिखाई जानी चाहिए, ताकि प्रक्रिया पर किसी प्रकार का संदेह न रहे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी मांग उठाई कि जिन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से लिखित रूप में सूचना दी जानी चाहिए। इससे प्रभावित नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आग्रह किया कि किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए और अपात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में शामिल न किए जाएं। पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।



