रिपोर्ट: अरशद हुसैन
रुड़की तहसील परिसर स्थित जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर पीपुल्स यूथ फ्रंट के बैनर तले दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने मजदूरों के अधिकारों और न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर अपर तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का आरोप था कि उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन द्वारा लगातार श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष Gaurav Dhiman ने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में मजदूर न्यूनतम वेतन से भी कम मजदूरी पर काम करने को मजबूर हैं, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों और औद्योगिक संस्थानों में श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है और श्रम कानूनों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा। संगठन ने सभी श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
संगठन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष Lalit Kumar पर प्रशासन द्वारा गुंडा एक्ट लगाकर जिला बदर की कार्रवाई की गई है, जिसे संगठन ने अन्यायपूर्ण बताया। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि ललित कुमार को ससम्मान वापस बुलाया जाए।
पीपुल्स यूथ फ्रंट ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


