रिपोर्ट: सचिन कुमार
Dehradun — लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में उल्लेखित “कमर्शियल वाहन” शब्द को लेकर उत्पन्न भ्रम और स्थानीय जनता की परेशानियों के समाधान के लिए आज सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) के चेयरमैन Chandra Prakash Goyal से मुलाकात की गई। इस दौरान संबंधित विषय पर एक विस्तृत प्रतिवेदन भी सौंपा गया।
मुलाकात के दौरान बताया गया कि Kotdwar और आसपास के क्षेत्रों के अधिकांश लोग देहरादून और Haridwar आने-जाने के लिए मिनी बस, टैक्सी, मैक्स वाहन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर निर्भर हैं। यह मार्ग स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार, बाजार और दैनिक जरूरतों तक पहुंच का प्रमुख माध्यम माना जाता है।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि लालढांग–चिल्लरखाल मार्ग को खोलने का निर्णय माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था। ऐसे में “कमर्शियल वाहन” शब्द की व्याख्या को लेकर उत्पन्न स्थिति से आम लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में आग्रह किया गया कि स्थानीय जनता की व्यावहारिक समस्याओं और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस विषय पर संवेदनशीलता और उदारता के साथ निर्णय लिया जाए, ताकि आम नागरिकों की दैनिक आवाजाही प्रभावित न हो।
CEC चेयरमैन Chandra Prakash Goyal ने भरोसा दिलाया कि समिति स्थानीय जनता की समस्याओं और जनहित से जुड़े पहलुओं को गंभीरता से समझते हुए जल्द सकारात्मक अनुशंसा करेगी।



