रिपोर्ट: नितिन अग्रवाल
कोटद्वार क्षेत्र के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित लालढांग-चिल्लरखाल मोटर मार्ग के निर्माण का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सड़क निर्माण पर लगी रोक हटाए जाने के बाद उत्तराखंड सरकार ने परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब वन विभाग ने इस सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को कार्यदायी संस्था नामित कर दिया है।
इस फैसले के बाद कोटद्वार में भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए मिठाइयां बांटी और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
भाजपा नेता विपिन कैंथोला ने कहा कि लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग लंबे समय से क्षेत्र की जनता की प्रमुख मांग रहा है। इस सड़क के बनने से कोटद्वार का हरिद्वार और देहरादून से सीधा संपर्क और अधिक मजबूत होगा, जिससे लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से पर्यटन, व्यापार, सामाजिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
विपिन कैंथोला ने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस परियोजना का पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद 12 फरवरी को न्यायालय ने सड़क निर्माण पर लगी रोक हटा दी थी।
उन्होंने विश्वास जताया कि परियोजना से जुड़ी सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी कर ली जाएंगी और सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। उनके अनुसार, इस मार्ग के बनने से क्षेत्र की जनता को सुरक्षित, सुगम और तेज आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे पूरे इलाके के विकास को नई दिशा मिलेगी।



