रिपोर्टर: अरशद हुसैन
देशभर में ईदुल अज़हा का पर्व हर्षोल्लास और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में रुड़की की ईदगाह में भी रविवार सुबह हजारों लोगों ने ईदुल अज़हा की नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया।
ईदगाह में सुबह से ही बड़ी संख्या में नमाज़ियों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। नमाज़ शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसके बाद लोगों ने देश और समाज में सुख-शांति की दुआ मांगी।
नमाज़ अदा कराने के बाद मुफ़्ती सलीम ने अपने संबोधन में कहा कि ईदुल अज़हा त्याग, इंसानियत और भाईचारे का पर्व है। उन्होंने बताया कि नमाज़ के बाद देशभर में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ की गई।
मुफ़्ती सलीम ने कहा कि देश में सभी समुदायों के बीच भाईचारा और आपसी सौहार्द बना रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में नफरत और भाईचारा खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।
उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि देश के मुसलमान अपनी ओर से किसी को भी तकलीफ देने का काम न करें और हमेशा शांति, प्रेम और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सहयोग करें।
ईदगाह परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही और प्रशासन की ओर से सभी जरूरी इंतजाम किए गए थे।


