हरिद्वार जिले के रुड़की स्थित आसफनगर गांव से पाकिस्तान कनेक्शन और संदिग्ध करोड़ों रुपये के लेनदेन मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और जांच एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में गांव की एक युवती को हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड पर साथ ले जाया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप और दहशत का माहौल है।
बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह-सुबह जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आसफनगर गांव में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक युवती को पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि युवती के तार पाकिस्तान के जरिए संचालित संदिग्ध फाइनेंशियल नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल एजेंसियां करोड़ों रुपये के कथित ट्रांजेक्शन और बैंकिंग गतिविधियों की जांच में जुटी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर जांच का दायरा उत्तराखंड समेत कई राज्यों तक बढ़ाया गया है। जांच एजेंसियां युवती के मोबाइल रिकॉर्ड, बैंक खातों और संदिग्ध संपर्कों की गहन पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, अधिकारियों की ओर से अभी तक मामले को लेकर आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।
इसी बीच यूपी एटीएस ने भी पाकिस्तान समर्थित एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एटीएस की कार्रवाई में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जिले के रुड़की समेत अलग-अलग क्षेत्रों से चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि ये आरोपी आईएसआई के इशारे पर देश में स्लीपर सेल तैयार करने की साजिश रच रहे थे।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संदिग्धों के निशाने पर अस्पताल, राजनीतिक दफ्तर और स्कूल जैसे संवेदनशील स्थान थे। बताया जा रहा है कि नोएडा में एक सीक्रेट मीटिंग भी आयोजित की गई थी, जहां कथित तौर पर नेटवर्क को सक्रिय करने की रणनीति बनाई गई।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, जबकि जांच एजेंसियां फाइनेंशियल ट्रेल और सीमापार कनेक्शन की बारीकी से जांच कर रही हैं।


