रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून: हाल ही में हुई सड़क दुर्घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देहरादून आरटीओ (प्रशासन) ने बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग अब शहर में संचालित करीब 170 सिटी बसों की अनिवार्य फिटनेस जांच कराएगा। इसके साथ ही सभी बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेकअप) भी किया जाएगा।
आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़े कर्मचारी पूरी तरह स्वस्थ हों और किसी भी ऐसी चिकित्सीय समस्या से ग्रस्त न हों, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से होगा मेडिकल परीक्षण
आरटीओ प्रशासन इस अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर रहा है। मेडिकल जांच के लिए रेंजेस ग्राउंड में डॉक्टरों की टीम तैनात की जाएगी। यहां बस चालकों और परिचालकों की हृदय रोग, रक्तचाप (बीपी) और आंखों की जांच समेत अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए जाएंगे।
अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से ऐसे जोखिमों की पहचान की जा सकेगी, जो वाहन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।
फिटनेस जांच के साथ सुरक्षा पर विशेष फोकस
आरटीओ ने स्पष्ट किया कि नया ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और लाइसेंस के नवीनीकरण के समय मेडिकल जांच पहले से ही अनिवार्य प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, हाल की दुर्घटनाओं को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह विशेष स्वास्थ्य एवं फिटनेस जांच अभियान शुरू किया जा रहा है।
इसके अलावा सभी सिटी बसों की तकनीकी फिटनेस भी जांची जाएगी, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।
पहले भी हो चुकी है मेडिकल जांच
संदीप सैनी ने बताया कि इससे पहले भी करीब 450 परिचालकों की मेडिकल जांच कराई जा चुकी है। वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने (ड्रिंक एंड ड्राइव) के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी है। ऐसे चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किए जा रहे हैं और उनके खिलाफ कोर्ट के माध्यम से कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।
परिवहन विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।



