रिपोर्ट: ललित जोशी
नैनीताल: उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और आस्था का प्रतीक माँ नन्दा-सुनन्दा देवी महोत्सव इस वर्ष 16 से 23 सितंबर तक नैनीताल में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। आयोजन को लेकर श्री राम सेवक सभा की बैठक में विस्तृत चर्चा की गई और महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में पंचांग और आचार्यों की सलाह के अनुसार कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। महोत्सव का शुभारंभ 16 सितंबर को कदली दल रवाना करने के साथ होगा, जबकि 19 सितंबर को ब्रह्ममुहूर्त में माँ नन्दा-सुनन्दा की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। 23 सितंबर को पारंपरिक डोला नगर भ्रमण के साथ महोत्सव का समापन होगा।
श्री राम सेवक सभा के पदाधिकारी डॉ. ललित तिवारी ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए 23 उपसमितियों का गठन किया गया है। प्रशासन, पुलिस, नगर पालिका और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति और परंपराओं का जीवंत उत्सव है। शहरवासियों से सुझाव और सहयोग लेकर इस बार आयोजन को और अधिक भव्य बनाने की योजना है।
बैठक की अध्यक्षता मनोज साह ने की तथा संचालन जगदीश बवाड़ी ने किया। कई गणमान्य नागरिक और श्री राम सेवक सभा के सदस्य बैठक में मौजूद रहे।



