Wednesday, October 21, 2026
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मसूरी में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई: मासोनिक लॉज बस स्टैंड स्थित 80 आवास सील, स्थानीय लोगों ने जताया विरोध

रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह

उत्तराखंड: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मासोनिक लॉज बस स्टैंड परिसर में स्थित करीब 80 आवासों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, एमडीडीए और नगर पालिका परिषद मसूरी के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने से पहले कुछ परिवार अपने घरों से सामान निकाल चुके थे, जबकि कई परिवार अब भी इन आवासों में रह रहे थे। प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके पास वर्ष 2026 तक की नगर पालिका की रसीदें मौजूद हैं, इसके बावजूद अधिकारियों ने उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें मकान खाली करने के लिए कहा।

कुछ परिवारों को मिला दो दिन का समय

कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया। इसके बाद प्रशासन ने तीन कमरों में रह रहे परिवारों को दो दिन का समय दिया। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित समय पूरा होने के बाद इन कमरों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभावित परिवारों ने उठाए सवाल

स्थानीय निवासी प्रियंका पवार ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास नगर पालिका द्वारा जारी वैध रसीदें हैं, लेकिन अधिकारी उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि जब वर्षों से लोग यहां रह रहे थे तब प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, लेकिन अब बरसात के मौसम में बीमार पति और परिवार के साथ उन्हें घर खाली करने के लिए कहा जा रहा है।

प्रियंका का आरोप है कि उन्हें पहले से कोई नोटिस भी नहीं दिया गया, जिससे उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

पूर्व पालिका अध्यक्ष ने बताया तानाशाही

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता ने इस कार्रवाई को “तानाशाही” करार दिया। उनका कहना है कि उच्च न्यायालय ने केवल चार वर्ष पहले आवासों के नए आवंटन पर रोक लगाई थी, लेकिन मौजूदा निवासियों को बिना नोटिस हटाने का कोई आदेश नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले अधिकांश लोग स्थानीय निवासी हैं और बिना उचित प्रक्रिया अपनाए उनके खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है।

प्रशासन का पक्ष

उप जिलाधिकारी राहुल आनंद ने बताया कि परिसर में लगभग 70 से 80 कमरे हैं, जिनमें लोग अनधिकृत रूप से रह रहे थे। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सीलिंग अभियान चलाया गया है। फिलहाल तीन कमरों को दो दिन की मोहलत दी गई है, जिसके बाद उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिका ने क्या कहा?

नगर पालिका परिषद मसूरी के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि संबंधित आवास नगर पालिका की भूमि पर बने हुए हैं, जिन पर समय के साथ अवैध कब्जे हो गए थे।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2023 में इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। न्यायालय ने आवासों के आवंटन और अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। हाल ही में न्यायालय द्वारा दोबारा स्थिति की जानकारी मांगे जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

फिलहाल क्या है स्थिति?

एमडीडीए की इस कार्रवाई के बाद दर्जनों परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। एक ओर प्रशासन इसे उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की कार्रवाई बता रहा है, वहीं प्रभावित परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधि बिना पर्याप्त नोटिस के की गई कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।

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