रिपोर्ट: सुभाष चंद
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में अवैध पेड़ कटान का मामला एक बार फिर चर्चा में है। कुछ दिन पहले 16 पेड़ों के कटान का मामला सामने आने के बाद अब चकरपुर वन चौकी क्षेत्र में नए पेड़ कटान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों के आरोपों और वन विभाग के दावों में अंतर होने से पूरे मामले पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि खटीमा रेंज के अंतर्गत आने वाले चकरपुर वन चौकी क्षेत्र से सामने आए वीडियो और लोकेशन फोटो में चार कटे हुए पेड़ों के अवशेष दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को केवल दो पेड़ों के कटान की जानकारी दी, जिससे वास्तविक स्थिति छिपाने की कोशिश की गई।
स्थानीय लोगों का दावा है कि कटे हुए पेड़ों की लकड़ी पहले ही मौके से हटा दी गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि घटनास्थल पर लकड़ी मौजूद नहीं थी तो वन विभाग ने किस आधार पर कटान का मामला दर्ज किया। लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि कटे हुए पेड़ों के ठूंठों को जलाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया।
मामले को लेकर सामने आई लोकेशन फोटो पर 6 जुलाई की तारीख भी दर्ज दिखाई दे रही है, जिससे घटना के समय को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
इस पूरे मामले पर खटीमा की एसडीओ संचिता वर्मा का कहना है कि मौके पर दो सूखे और पहले से गिरे हुए पेड़ों का कटान हुआ है। उन्होंने बताया कि संबंधित लकड़ी बरामद कर सुरक्षित स्थान पर रखवा दी गई है और विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है।
हालांकि, स्थानीय लोगों और सामने आए वीडियो के आधार पर कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर मौके पर वास्तव में कितने पेड़ों का कटान हुआ और क्या विभाग को दी गई रिपोर्ट वास्तविक स्थिति से मेल खाती है।
अब सभी की निगाहें वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि विभाग केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित रहता है या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों तक पहुंचता है।



