रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून: उत्तराखंड में चल रही चारधाम यात्रा इस वर्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। हालांकि मानसून के सक्रिय होने के कारण यात्रा की रफ्तार फिलहाल कुछ धीमी हुई है, लेकिन राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबंधन विभाग पूरे प्रदेश में मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। भारी बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी स्थान पर यात्रा मार्ग जोखिमपूर्ण पाया जाता है, तो श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाएगा। इस दौरान यात्रियों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों और ठहरने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। मौसम सामान्य होने और मार्ग सुरक्षित घोषित होने के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा का सफल और सुरक्षित संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान भी सरकार, प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान मौसम संबंधी अपडेट और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। खराब मौसम की स्थिति में धैर्य बनाए रखें और केवल प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद ही आगे की यात्रा करें।



